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शत नमनशत नमन माधव चरण में, शत नमन माधव चरण में। ज्ञान में तो आप ऋषिवर दिखते थे आद्य शंकर । दु:ख सुख निन्दा प्रशंसा आपको सब एक ही थे । मेरु गिरि सा मन अडिग था आपने पाया महात्मन् । सिंधु सा गम्भीर मानस थाह कब पाई किसी ने । शत नमन माधव चरण में, शत नमन माधव चरण में । |
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